शेक्षणिक अंकों की गणना



6. (क) स्नातक कक्षायें-
1. हाईस्कूल या समकक्ष परीक्षा में प्राप्त प्रतिशत अंकों का 50% ग्रेड दोनों।
2. इण्टरमीडिएट परीक्षा में प्राप्त प्रतिशत अंकों का 100% ग्रेड दोनों।
3. प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों को सम्मिलित करके।

नोट: विश्वविध्यालय द्वारा संचालित प्री-यूनिवर्सिटी, प्री-इंजीनियरिंग, प्री-मेडीकल तथा 11+1+3 पाठ्यक्रम की प्रथम वर्ष की परीक्षा हायर सैकेण्डरी बोर्ड की 10+2 परीक्षा भी इण्टरमीडिएट परीक्षा के समकक्ष मान्य है। यदि विध्यार्थी ने हाईस्कूल के स्थान पर हायर सैकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण की हो, तो उसे प्राप्त प्रतिशत अंकों का 50% गणना के लिए लिये जायेंगे।

अतिरिक्त अंक ( अधिकतम 17 अंक )

शैक्षिक योग्यता अंकों के साथ निम्नलिखित अंकों, जहाँ अनुमान्य हों, को जोड़कर योग्यता सूची बनेगी, लेकिन प्रतिबन्ध यह है कि अतिरिक्त अंकों का कुल योग 17 अंकों से अधिक नहीं होगा।

(क) स्नातक कक्षायें-

1. उत्तर क्षेत्रीय स्तर की टीम के सदस्य के रूप में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए
(क) प्रथम विजेता होने के लिए - 5 अंक
(ख) द्वितीय विजेता होने के लिए - 4 अंक
(ग) तृतीय विजेता होने के लिए - 3 अंक
(घ) प्रतिभाग करने के लिए - 2 अंक

2. एन0 सी0 सी0 ‘‘सी” सर्टीफिकेट / जी -2 उत्तीर्ण केडिटों को - 8 अंक
अथवा
एन0 सी0 सी0 ‘‘बी’’ सर्टीफिकेट/जी-1 प्रमाण-पत्र धारक केडिटों को - 6 अंक
अथवा
एन0 सी0 सी0 केडिट जिन्होंने 240 घण्टे कार्य किया है और 2 कैम्पों में भाग लिया है, लेकिन कोई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। - 3 अंक
3. स्वतन्त्रता सैनानी के पुत्र/पुत्री (अविवाहित अथवा पौत्र/पौत्री ) - 5 अंक
4. एन0एस0एस0 में 240 घण्टे का कार्य तथा कम से कम एक कैम्प पूरा करने के लिए - 5 अंक
5. बी0काॅम (प्रथम वर्ष) में प्रवेश के लिए योग्यता अंक की गणना करते समय उन प्रवेशार्थियों को 5 अतिरिक्त अंक दिये जायें, जिन्होंने इण्टरमीडिएट या 10+2 की परीक्षा वाणिज्य (गैर वोकेशनल) से उत्तीर्ण की हो।

नोट: उपर्युक्त 1 से 5 के सन्दर्भ में शासन के खेलकूद अधिकारी द्वारा दिया हुआ प्रमाण-पत्र अथवा विश्वविध्यालय खेलकूद अधिकारी स्पोर्ट्स काउन्सिल कमेटी के अध्यक्ष द्वारा प्रति हस्ताक्षरित / एन0सी0सी0 अधिकारी / एन0एस0एस0 समन्वयक द्वारा निर्गत किया हुआ प्रमाण-पत्र/ रोवर्स रेंजर्स के लिए समन्वयक (रोवर्स रेंजर्स) द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र ही मान्य होगा।

(ख) सभी कक्षायें-

1. डाॅ0 भीमराव अम्बेदकर विश्वविध्यालय और उससे सम्बन्ध महाविद्यालयों में सेवारत एवं स्ववित्त पोषित संस्थान के अनुबन्धित प्रवक्ता तथा अवकाश प्राप्त केवल स्थायी/अध्यापकों एवं कर्मचारियों के पति/पत्नी/पुत्र/पुत्री तथा कृषि संकाय में स्थायी परियोजनाओं के स्थायी कर्मचारियों के पति/पत्नी/पुत्र/पुत्री - 17 अंक
2. भारतीय सेना में सेवारत अथवा अवकाश प्राप्त अधिकारियों या अन्य रेंक के केवल पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री (अविवाहित) - 10 अंक
3. कारगिल के आॅपरेशन विजय के शहीदों के पुत्र/पुत्री/विधवाओं को प्रवेश में - 17 अंक

टिप्पणी- 1.प्रत्येक अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र में शैक्षणिक एवं अतिरिक्त अनुमान्य अंकों की प्रमाणिकता की घोषणा स्वयं करेगा। यदि यह घोषणा गलत पायी गई तो उसकी पात्रता निरस्त कर दी जायेगी।
2. प्रवेश परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अनुमान्य अंकों के प्रमाण-पत्र स्वीकार नहीं किये जायेंगे। अन्य कोई अभिलेख बाद में विचारार्थ स्वीकार नहीं किया जायेगा।

नोट: किसी व्यक्ति की सेवा निवृत्ति से पूर्व मृत्यु होने की दशा में इस नियम के अन्तर्गत उसको उस समय तक सेवारत समझा जाये, तब तक सेवा में रहने का अधिकारी था। इस आशय का प्रमाण पत्र सम्बन्धित द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा।

7. (अ) सामान्यतः स्नातक कक्षा के एक सैक्शन में 70 छात्रों को महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा प्रवेश दिया जायेगा। उसके आगे विशेष परिस्थितियों में 10 सीटें अधिक प्रदान करने का अधिकार कुलपति को होगा, लेकिन इसके लिए प्राचार्य अतिरिक्त स्टाफ की मांग नहीं करेगें। कक्षा में प्रवेश की कुल संख्या स्वीकृत सैक्शनों की संख्या पर आधारित होगी एवं स्नातकोत्तर कक्षा में प्रयोगात्मक विषय में 60 छात्र एवं गैर प्रयोगात्मक 80 छात्रों के प्रवेश का अधिकार होगा।
(ब) विशेष परिस्थितियों में कुलपति को प्रवेश के लिए अनुमति प्रदान करने का अधिकार सुरक्षित होगा। संस्थागत छात्र को किसी भी ऐसे विषय या प्रश्न-पत्र को लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी, जिसकी सम्बन्धित महाविद्यालयों में पढ़ाये जाने की व्यवस्था नहीं है अथवा जिसकी विश्वविध्यालय द्वारा मान्यता प्रदान नहीं की गई है।

8. (अ) प्रवेश हेतु नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। नियमों के पालन में किसी भी समस्या अथवा कठिनाई का अनुभव होने पर प्राचार्य कुलपति को लिखेंगे और कुलपति का निर्णय अन्तिम होगा।
(ब) प्राचार्य प्रवेश के इच्छुक सभी अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों पर विचार करके नियमानुसार निर्णय लेगें और किसी भी छात्र के प्रार्थना पत्र को विश्वविध्यालय को अग्रसारित नहीं करेंगे।
(स) प्रविष्ट छात्र को कक्षा में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। 15 कार्य दिवस तक निरन्तर अनुपस्थित रहने पर प्राचार्य द्वारा प्रवेश निरस्त किया जा सकेगा। इसका उत्तरदायित्व छात्र का होगा।

(द) अभ्यर्थी का यह दायित्व होगा कि वह महाविद्यालय में अपने प्रवेष के सम्बन्ध में निरन्तर सम्पर्क करता रहे और सूचना पट पर दी गई सूचनाओं/सूचियों की अद्यतन (अपटू-डेट) जानकारी रखें, ताकि निर्धारित अवधि के भीतर प्रवेष ले सकें। प्रवेश के इच्छुक प्रत्येक अभ्यर्थी का यह भी दायित्व होगा कि वह ऊपर दिये गये नियमों और विश्वविध्यालय के अन्य सम्बन्धित नियमों को भली-भाँति पढ़ लें। उनका यह भी दायित्व होगा कि वह सुनिश्चित कर लें कि उनका प्रवेश किसी दृष्टिकोंण से नियमों के प्रतिकूल तो नहीं हुआ। उसका यह भी दायित्व होगा कि उन्होंने प्रवेश हेतु असत्य अथवा भ्रामक अंक सूची के माध्यम से तो प्रवेश लेने की कोशिश नहीं की है। नियमों के प्रतिकूल किये गये प्रवेश विश्वविध्यालय द्वारा निरस्त किये जाने की दशा में उत्तरदायित्व सर्वथा प्रवेशार्थी ही होगा। इस नियमावली के निर्गत होने पर प्रवेश सम्बन्धी पूर्व निर्गत अधिसूचनायें/प्रपत्र निरस्त समझे जायें।

कुलसचिव


नोट: प्रवेश नियमावली में विश्वविध्यालय द्वारा कोई परिवर्तन किया जाता है तो उसे तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दिया जायेगा।