अनुषासन



• छात्राओं को विध्यालय यूनीफार्म में आना अनिवार्य है।
• कक्षा में समय से उपस्थित होना होगा, प्रार्थना स्थल पर सभी छात्राओं का उपस्थित रहना अनिवार्य है देर से आने पर गेट से बाहर रोक दिया जायेगा प्रार्थना के बाद ही गेट खोला जायेगा।
• अपने साथ परिचय पत्र रखना अनिवार्य है अन्यथा विध्यालय परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
• छात्राओं के साथ किसी अन्य बालिका का प्रवेश (मित्र, रिश्तेदार) वर्जित है।
• विध्यालय में मोबाइल फोन लाने की अनुमति नहीं है विशेष स्थिति में प्राचार्या की अनुमति से आॅफिस का फोन प्रयोग कर सकती है।
• खाली समय में इधर उधर ना घूमें पुस्तकालय में बैठें।
• विध्यालय परिसर में जोर-जोर से बाते करना या हंसना मना है।
• राष्ट्रीय पर्व ( स्वतंत्रता दिवस, गणतन्त्र दिवस, 2 अक्टूबर ) पर विध्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार का आपसी विवाद होने पर छात्राऐं प्राचार्या से सम्पर्क करेंगी।
• विध्यालय परिसर से फूल तोड़ने पर 5 रु० अर्थ दण्ड देना होगा।

उपस्थिति


• डा० बी०आर० अम्बेडकर विश्वविध्यालय, आगरा के नियमानुसार कुल कार्य दिवसों में से 75 प्रतिशत प्रत्येक छात्रा के लिये अनिवार्य है। उपस्थिति कम होने पर विश्वविध्यालय परीक्षा से रोका जा सकता है।
• छात्राओं को बाहर जाने या अस्वस्थ हो जाने की सूचना कार्यालय को अवश्य दे देनी चाहिये। जिससे महाविधालय द्वारा उपस्थिति में मिलने वाली छूट की संस्तुति की जा सके।

महाविधालय की विषेषताऐं


• महाविधालय पहुचने के लिए आस-पास के ग्रामों एवं शहरों से परिवहन सेवाऐं आसानी से उपलब्ध है। वातावरण कोलाहल मुक्त, प्रदूषण मुक्त, शान्त एवं प्राकृतिक परिवेश से भरपूर है।
• कक्षों का निर्माण मानक के अनुसार किया गया है। सभी कक्ष प्रकाश से पूर्ण, स्वच्छ व हवादार है।
• गृह विज्ञान विषय की आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशाला है। अध्यापन कार्य के लिये योग्य एवं समर्पित शिक्षिकाऐं हैं।

पुस्तकालय एवं वाचनालय


• प्रवेश के पश्चात् प्रत्येक छात्रा को पुस्तकालय कार्ड प्राप्त होगा, उस कार्ड से पुस्तकालय से पुस्तक प्राप्त होगी।
• वांछित पुस्तक पुस्तकालय में उपलब्ध होने पर ही छात्राओं को प्रदान की जा सकेगी।
• पुस्तकालय कार्ड पर एक पुस्तक 10 दिन के लिए दी जायेगी। अधिक समय तक रखे जाने पर एक रुपया प्रतिदिन की दर से जुर्माना देना होगा।
• पुस्तक के रख-रखाव का सम्पूर्ण उत्तररदायित्व विध्यार्थी का होगा।
• पुस्तकालय कार्ड संभालकर रखना चाहिए। परीक्षा से पूर्व कार्ड वापस करना पड़ेगा। कार्ड खो जाने की स्थिति में 10 रुपये देने पर ही दूसरा कार्ड मिल सकेगा।
• खोये हुए कार्ड पर ली गई पुस्तक के लिए वही छात्रा उत्तरदायी होगी, जिसके नाम पर कार्ड निर्गत किया गया है।
• पुस्तक खोने या विकृत होने पर छात्रा को पुस्तक का वही या नवीनतम संस्करण देना होगा। पुस्तक उपलब्ध न होने की स्थिति में मूल्य का कम से कम पाँच गुना मूल्य चुकाना होगा।
• पुस्तक लेते समय भी छात्राएँ पहले पृष्ठ देख लें। पृष्ठ निकलने पर पुस्तक लानी होगी और गलत आचरण के कारण पुस्तकालयाध्यक्ष द्वारा निर्णीत दण्ड का भुगतान करना होगा।
• विश्वविध्यालय की परीक्षाऐं प्रारम्भ होने से 10 दिन पूर्व तक पुस्तकालय में पुस्तकें अनिवार्य रूप से वापस करनी होंगी।

वाचनालय


• वाचनालय में पत्र-पत्रिकाऐं, पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रश्न-पत्र आदि परिचय-पत्र जमा करने पर ही मिल सकेगें, जो किसी भी दशा में बिना अनुमति के बाहर नहीं ले जाए जाऐगें। इस नियम का उल्लंघन करने वाली छात्रा को 10/- रुपया प्रतिदिन की दर से दण्ड देना होगा।
• पत्रिकाऐं एवं समाचार पत्र उपलब्ध हैं, खाली पीरियड में छात्राऐं वही बैठकर अध्ययन कर सकती है।
• पत्रिकाऐं एवं समाचार पत्र वाचनालय से बाहर नहीं जायेंगे पढ़ने के पश्चात् उन्हें यथा स्थान रखने का उत्तरदायित्व छात्रा का ही होगा।

महाविधालय में प्रशासनिक कार्यों हेतु समितियाँ


1. अनुशासन समिति।
2. प्रवेश समिति।
3. सूचना अनुभाग समिति।
4. क्रीड़ा अनुभाग समिति।
5. पुस्तकालय अनुभाग शैक्षिक संगोष्ठियाँ/सेमीनार समिति।
6. सांस्कृतिक गतिविधियाँ अनुभाग समिति।
7. रोजगार सलाह प्रकोष्ठ समिति।

महाविधालय में प्रशासनिक कार्यों हेतु समितियाँ


• महाविधालय में विभिन्न प्रकार के इन-डोर एवं आउट-डोर खेलों की व्यवस्था है।
• समय-समय पर महाविधालय में वाद-विवाद एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा।

विचार गोष्ठियाँ


संचार माध्यम एवं आवागमन की सुविधा ने विभिन्न देशों की सीमाओं को सीमित कर दिया है। सभी देश अपने विकास के लिये एक दूसरे पर निर्भर है। नित नये आविष्कारों ने मानव जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ जटिलताऐं भी उत्पन्न कर दी है। समय- समय पर विभिन्न क्षेत्रों के ख्याति प्राप्त विद्धानों को व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया जायेगा जिससे छात्राओं में सामान्य ज्ञानवर्धन के साथ-साथ निर्णय एवं तर्क शक्ति विकसित हो।